शिव कैलाशों के वासी - शिव भजन
शिव कैलाशों के वासी - शिव भजन (Shiv Kailashon Ke Wasi - Shiv Bhajan Lyrics)
शिव कैलाशों के वासी,
धौलीधारों के राजा,
शंकर संकटहरणा,
शंकर संकटहरणा ॥
तेरे कैलाशों का अंत ना पाया,
तेरे कैलाशों का अंत ना पाया,
अंत बेअंत तेरी माया,
ओ भोले बाबा,
अंत बेअंत तेरी माया,
शिव कैलाशों के वासी,
धौलीधारों के राजा,
शंकरसंकटहरणा,
शंकर संकटहरणा ॥
बेल की पत्तियां भांग धतुरा,
बेल की पत्तियां भांग धतुरा,
शिव जी के मन को लुभायें,
ओ भोले बाबा,
शिव जी के मन को लुभायें
शिव कैलाशों के वासी,
धौलीधारों के राजा,
शंकर संकटहरणा,
शंकर संकटहरणा ॥
एक था डेरा तेरा,
चम्बे रे चौगाना,
दुज्जा लायी दित्ता भरमौरा,
ओ भोले बाबा,
दुज्जा लायी दित्ता भरमौरा,
शिव कैलाशों के वासी,
धौलीधारों के राजा,
शंकर संकटहरणा,
शंकर संकटहरणा,
शंकर संकटहरणा,
शंकर संकटहरणा
Shiv Kailashon Ke Wasi | Shiv Bhajan | Folk Song | Amrita Chaturvedi
